20 November Current Affairs In Hindi

1. ओडिशा, असम और उत्तर प्रदेश ने मछली पालन में जीता पुरस्कार

  • राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी) हैदराबाद ने नीली क्रांति (ब्लू रिवोल्यूशन) की परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्यों को चुना है। 21 नवंबर को यह पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे।
  • तीन श्रेणियों में बेस्ट स्टेट का पुरस्कार इस प्रकार है, समुद्र के किनारे के राज्यों में उड़ीसा, पहाड़ी व उत्तर पूर्व के राज्यों में असम तथा मैदानी राज्यों (इनलैंड स्टेट) की श्रेणी में उत्तर प्रदेश को बेस्ट स्टेट चुना गया है।
  • पुरस्कार के रूप में 10 लाख रुपये प्रशस्ति पत्र व प्रतीन चिह्न प्रदान जाएगा। पुरस्कार वितरण 21 नवंबर को पूसा, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में किए जाएंगे। केंद्रीय मत्स्य पालन एवं पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह और केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान व प्रताप चंद्र सांरगी पुरस्कार प्रदान करेंगे।

नीली क्रांति को बढ़ावा दे रही है प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना

  • प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) मत्स्य क्षेत्र पर केन्द्रित और सतत विकास योजना है, जिसे आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक पांच साल की अवधि के दौरान सभी राज्यों/ संघ शासित प्रदेशों में कार्यान्वित किया जाना है और इस पर अनुमानित रूप से 20,050 करोड़ रुपये का निवेश होना है।
  • प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत 20,050 करोड़ रुपये का निवेश मत्स्य क्षेत्र में होने वाला सबसे ज्यादा निवेश है। इसमें से लगभग 12,340 करोड़ रुपये का निवेश समुद्री, अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में लाभार्थी केन्द्रित गतिविधियों पर तथा 7,710 करोड़ रुपये का निवेश फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रस्तावित है।
  • प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के उद्देश्यों में 2024-25 तक मछली उत्पादन अतिरिक्त 70 लाख टन बढ़ाना, 2024-25 तक मछली निर्यात से आय 1,00,000 करोड़ रुपये तक करना, मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय दोगुनी करना, पैदावार के बाद नुकसान 20-25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना तथा मत्स्य पालन क्षेत्र और सहायक गतिविधियों में 55 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करना शामिल हैं।
  • प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना  (PMMSY) को मछली उत्पादन और उत्पादकता, गुणवत्ता प्रौद्योगिकी, उपज के बाद के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे और प्रबंधन, मूल्य निर्धारण श्रृंखला के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण, मजबूत मत्स्य प्रबंधन ढांचे और मछुआरों के कल्याण के रास्ते में आने वाली कमियों को दूर करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
  • नीली क्रांति योजना की उपलब्धियों को मजबूत करने के उद्देश्य से, PMMSY के जरिए कई नए हस्तक्षेपों की परिकल्पना की गई है जिसमें मछली पकड़ने के जहाजों का बीमा, मछली पकड़ने के जहाजों/नावों के  उन्नयन के लिए मदद, बायो-टॉयलेट्स,  लवण/क्षारीय क्षेत्रों में जलीय कृषि, सागर मित्र, एफएफपीओ/सीएस, न्यूक्लियस ब्रीडिंग सेंटर,  मत्स्य पालन और जलीय कृषि स्टार्ट-अप्स, इन्क्यूबेटर्स, इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क, इंटीग्रेटेड कोस्टल फिशिंग विलेज डेवलपमेंट, एक्वाटिक प्रयोगशालाओं के नेटवर्क और उनकी सुविधाओं का विस्तार, पहचान सुविधा, प्रमाणन और मान्यता, आरएएस, बायोफ्लोक एंड केज कल्चर, ई-ट्रेडिंग/विपणन, मत्स्य प्रबंधन योजना आदि शामिल है।
  • यह योजना मुख्य रूप से परियोजना में आवश्यकतानुरूप निवेश करते हुए मत्स्य समूहों और क्षेत्रों के निमार्ण पर केन्द्रित है। इसमें मुख्य रूप से रोजगार सृजन गतिविधियों जैसे समुद्री शैवाल और सजावटी मछली की खेती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह मछलियों की गुणवत्ता वाली प्रजातियों की नस्ल तैयार करने तथा उनकी विभिन्न प्रजातियां विकसित करने, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास और विपणन नेटवर्क आदि पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है।
  • अब तक इस योजना के तहत मत्स्य विभाग ने पहले चरण में 21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 1723 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसके तहत आय सृजन गतिविधियों को प्राथमिकता दी गई है।

मत्स्य में भारत की वर्तमान स्थिति

  • मत्स्य उत्पादन (Aquaculture) में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है प्रथम स्थान पर चीन है। चूंकि मत्स्य उत्पादन क्षमता भारत की अन्य देशों से ज्यादा है लेकिन इनका दोहन नहीं हो पा रहा है।
  • भारत में दो तरह के मत्स्य पालन होते हैं जिसमें एक ताजे पानी में मत्स्य पालन तथा दूसरा समुद्री पानी में मत्स्य पालन है। ताजे तथा समुद्री जल दोनों ही मत्स्य पालन में आंध्र प्रदेश प्रथम स्थान पर है।

मत्स्य उत्पादन से सम्बंधित सुझाव

  • यदि भारत अपनी ताजा पानी की मछलियों की उत्पादकता तथा समुद्र की डीप सी (Deep Sea) मत्स्यायन में वृद्धि चाहता है तो उसे इसमें तकनीकी का समावेश करना होगा। हमें अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) का विकास करना होगा तथा उसे मत्स्यायन के हिसाब से विकसित करना होगा।
  • भारत का विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) चीन से ज्यादा है यदि इसे मत्स्यायन के लिए विकसित किया गया तो भारत इस क्षेत्र में चीन को पीछे छोड़ सकता है। भारत का विशेष आर्थिक क्षेत्र 2 मिलियन वर्ग किमी है जबकि चीन का 0.88 मिलियन वर्ग किमी है।
  • ओसियन रेंचिग (बड़ी मछलियों को पकड़ा जाता है) के माध्यम से पारिस्थितिकी को कम नुकसान पहुँचाकर मत्स्य उत्पादन को अंजाम दिया जा सकता है।

2. जीतन राम मांझी नवनिर्वाचित 17वीं बिहार विधानसभा के प्रो-टेम स्पीकर नियुक्त

  • बिहार में, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को नव निर्वाचित 17वीं विधानसभा में प्रो-टेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल फागू चौहान ने बिहार के राजभवन में आयोजित एक समारोह में मांझी को पद की शपथ दिलाई।
  • हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा पार्टी के अध्यक्ष 74 वर्षीय जीतन राम मांझी विधानसभा के लिए नव-निर्वाचित वरिष्ठतम सदस्यों में से एक हैं। वे गया जिले के इमामगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत कर आए हैं।
  • मांझी अब 23 नवम्बर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान 23 और 24 तारीख को नव-निर्वाचित विधायकों को विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ दिलाएंगे।

प्रो-टेम स्पीकर के बारे में

  • प्रोटेम शब्द लैटिन भाषा के शब्द प्रो टैम्पोर का संक्षिप्त रूप है। इसका अर्थ होता है- ‘कुछ समय के लिए’। प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति राष्ट्रपति/राज्यपाल करता है और इसकी नियुक्ति आमतौर पर तब तक के लिए होती है जब तक लोकसभा या विधानसभा अपना स्थायी विधानसभा अध्यक्ष(स्पीकर)नहीं चुन लेती।
  • संसदीय परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति/राज्यपाल सदन में वरिष्ठतम सदस्यों में से किसी एक को प्रोटेम स्पीकर के लिए चुनते हैं। अभी तक सामान्यत: सदन के वरिष्ठतम सदस्य को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
  • चुनाव के बाद सत्तारूढ़ पार्टी या गठबंधन प्रोटेम स्पीकर का नाम राष्ट्रपति/राज्यपाल के पास भेजता है। इसके बाद राष्ट्रपति/राज्यपाल प्रोटेम स्पीकर को नियुक्त करते हैं, जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाता है संविधान में प्रोटेम स्पीकर की शक्तियों का जिक्र नहीं किया गया है।
  • संविधान का अनुच्छेद 180 (1) राज्यपाल को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने की शक्ति देता है। अनुच्छेद में कहा गया है कि यदि अध्यक्ष की कुर्सी खाली हो और पद भरने के लिए कोई उपसभापति नहीं हो, तो विधानसभा के कर्तव्यों का पालन कराने के लिए राज्यपाल “विधानसभा के किसी सदस्य को इस प्रयोजन के लिए नियुक्त कर सकता है”।

3. गोवा की पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ भाजपा नेता मृदुला सिन्हा का निधन

  • गोवा की पूर्व राज्यपाल, साहित्यकार और बीजेपी नेता मृदुला सिन्हा का 77 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह अगस्त 2014 से अक्टूबर 2019 तक गोवा की राज्यपाल रही थीं। गत 14 नवंबर की रात हॉर्ट अटैक के बाद उन्हें हास्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां आपरेशन के बाद उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई और उनका निधन हो गया।
  • 27 नवंबर 1942 को बिहार के छपरा में जन्मीं मृदुला सिन्हा गोवा की पहली महिला राज्यपाल थीं। राजनीति के अलावा साहित्य की दुनिया में भी सिन्हा का नाम काफी ऊंचा था। वह काफी मशहूर हिंदी लेखिका थीं। उनके लेख हमेशा राष्ट्रीय अखबारों में छपते रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन में 50 से ज्यादा किताबें लिखी हैं।
  • वे महिलाओं के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक विकास की पक्षधर थीं। उन्होंने राजमाता विजयाराजे सिंधिया के जीवन पर ‘राजपथ से लोकपथ’ किताब लिखी, जिस पर फिल्म भी रिलीज हो चुकी है।
  • राजनीतिक जीवन की बात करें तो बीजेपी की वरिष्ठ नेता सिन्हा भाजपा की महिला मोर्चा की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सेंट्रल सोशल वेलफेयर बोर्ड (CSWB) की चेयरपर्सन का पद भी संभाला था। इसके अलावा वे जय प्रकाश नारायण के ‘समग्र कांति’ का भी हिस्सा रहीं थीं।

4. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनसीसी के एक महीने के संविधान दिवस युवा क्लब अभियान का किया शुभारंभ

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) द्वारा आयोजित एक महीने के राष्ट्रव्यापी संविधान दिवस युवा क्लब गतिविधि कार्यक्रम का नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश भर में लोगों में भारतीय संविधान के बारे में जागरूकता के प्रसार के लिए युवाओं को सक्रिय करना है।
  • 18 नवम्बर से 13 दिसम्बर 2020 तक एक महीने का यह अभियान देश भर में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी),राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) नेहरू युवा केन्द्र संगठन (एनवाईकेएस), द भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, हिन्दुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स एसोसिएशन और रेड क्रॉस जैसे देश के युवा संगठनों द्वारा संचालित किया जाएगा। इस अभियान के बीच में 26 नवम्बर को संविधान दिवस भी आएगा।
  • अभियान के मुख्य उद्देश्य जन साधारण के बीच संविधान के मूल सिद्धांतों और भावना के संबंध में जागरूकता लाना है। उन्हें भारत के संविधान में स्थापित मूल कर्तव्यों,जिम्मेदार और उत्पादक नागरिक के गुणों,भारत के संविधान के महत्व के बारे में बताना तथा समानता और सकारात्मक कार्यों पर डॉ. बी. आर. आम्बेडकर के संदेश का प्रचार-प्रसार करना है।
  • 22 से 24 नवम्बर 2020 तक स्वयंसेवी युवाओं द्वारा देशव्यापी रक्तदान शिविर आयोजित किया जायेगा। अभियान के दौरान युवा सोशल मीडिया पर हैशटैग# इट्स माई ड्यूटी (न्याय विभाग) और # मेराकर्तव्य (एनसीसी ट्विटर हैंडल) से लोगों को जोड़ेंगे। ई-मेल, मैसेज और बैनरों के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जाएगी। अभियान में प्रकृति के प्रति नागरिक की जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रमों के साथ घर तथा आस-पड़ोस में एक सप्ताह की सफाई मुहिम भी शामिल रहेगी।

नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी)

  • रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनसीसी देश का सबसे बड़ा वर्दीवाला युवा संगठन है जो  विभिन्न तरत की सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास की गतिविधियां संचालित करता है।  एनसीसी के कैडेट अपने संगठन की स्थापना के समय से ही  बाढ़ और चक्रवात आदि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राष्ट्र सेव में योगदान देते रहे हैं।
  • राष्ट्रीय कैडेट कोर का लक्ष्य कैडेटों को समाज के अच्छे नागरिक बनाने और उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे योग्य और अग्रणी बनाने के लिए उनमें चारित्रिक गुणों का विकास करना है। एनसीसी में आकर कैडेटों में नेतृत्व करने की क्षमता पैदा होती है जो उनके जीवन पर काम आती है। इस प्रकार 1948 में 20000 कैडेटों से आरंभ होने वाले राष्ट्रीय कैडेट कोर के अब 14 लाख कैडेट हैं।

नेशनल कैडेट कोर का इतिहास

  • 1948 के कश्मीर युद्ध ने भारत को यह महत्वपूर्ण सबक दिया कि देश की आजादी की रक्षा के लिए एक मजबूत सैन्य बल की जरूरत होती है। इसके प्रभाव में 13 मार्च 1948 को कुजंरू समिति की सिफारिशों को संविधान सभा (विधिक) के सामने रखा गया।
  • 19 मार्च 1948 को इसका मसौदा बिल संविधान सभा को भेजा गया जिसको सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया और उसमें कुछ विचार-विमर्श और संशोधन के पश्चात 08 अप्रैल 1948 को यह बिल पारित कर दिया गया।
  • केन्द्र सरकार ने कैडेट कोर की रचना करने की प्रांतीय सरकारों और स्थायी समिति की सिफारिशों को स्वीकार किया और कुंजरू समिति की सिफारिश के अनुसार कैडेट कोर की स्थापना “राष्ट्रीय कैडेट कोर” के नाम से हुई।
  • इस प्रस्ताव को 16 अप्रैल 1948 को गवर्नर जनरल की अनुमति से मिली और संसद के एक अधिनियम XXXI1948 को स्वीकृति मिली, जिसे राष्ट्रीय कैडेट कोर अधिनियम, 1948 भी कहा जाता है, के द्वारा राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना हुई। 13 धाराओं वाला यह अधिनियम भारत के राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना को निश्चित करता है।

5. मानव अधिकार कार्यकर्ता अनक्कायम परियोजना के विरोध में हुए शामिल

  • त्रिशूर में पर्यावरण और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने समारा समिति के साथ एकजुटता व्यक्त की है, जिसने प्रस्तावित अनक्कायम लघु हाइड्रो-इलेक्ट्रिक परियोजना के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परियोजना को वापस लेने की मांग की है, उनका कहना है कि यह परियोजना जंगल और वहां के वासियों के खिलाफ है।
  • हाल ही में केरल राज्य विद्युत बोर्ड ने आवंटित वन क्षेत्र में ठोस लकड़ी और शीशम के पेड़ों को हटाने का आदेश जारी किया था ताकि इस जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य को गति दी जा सके।
  • 7.5 मेगावाट की यह परियोजना लगभग आठ हेक्टेयर वन भूमि पर परम्बिकुलम टाइगर रिज़र्व (पलक्कड़ ज़िले में 391 वर्ग किलोमीटर का संरक्षित क्षेत्र) के बफर ज़ोन में स्थापित की जाएगी। अनक्कायम परियोजना की कल्पना मौजूदा शोलेयार बिजली परियोजना की टेल रेस योजना के रूप में की गई है, जिसमें शोलायर बाँध (चालाकुडी नदी) के जल का उपयोग करके बिजली पैदा की जाएगी।
  • यह परियोजना सबसे पहले 1990 के दशक में चर्चा में आई थी और 139.62 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को हाल ही में प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी।

चालाकुडी नदी

  • चालाकुडी नदी केरल की चौथी सबसे लंबी नदी है। इस नदी का कुल बेसिन क्षेत्र तकरीबन 1704 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से 1404 किलोमीटर का हिस्सा केरल में पड़ता है और शेष 300 किलोमीटर का हिस्सा तमिलनाडु में पड़ता है। यह नदी केरल के पलक्कड़, त्रिशूर और एर्नाकुलम ज़िलों से होकर बहती है।

6. बेंगलुरु टेक समिट, 2020 का उद्घाटन

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 19 नवम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बेंगलुरु टेक समिट, 2020 का उद्घाटन किया जो 19 से 21 नवम्बर, 2020 तक चलेगा। 
  • इस सम्मेलन का आयोजन कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक नवाचार एवं प्रौद्योगिकी सोसाइटी (केआईटीएस), कर्नाटक सरकार के इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी संबंधी विजन ग्रुप, बायोटेक्नोलॉजी एंड स्टार्टअप, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और एम.एम. एक्टिव साइंस टेक कम्युनिकेशन्स के सहयोग से किया है।
  • इस वर्ष, इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘नेक्स्ट इज नाओ’ है। इसके तहत, महामारी के बाद के विश्व में उभरती मुख्य चुनौतियां और ‘सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स’ तथा बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रमुख प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषी तकनीकों के प्रभाव पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।
  • बेंगलुरु टेक समिट में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री महामहिम स्कॉट मॉरिसन, स्विस कॉन्फेडरेशन के उपाध्यक्ष माननीय गाई पारमेलिन और कई अन्य गणमान्य हस्तियां भाग लेंगी।
  • इनके अलावा, इस कार्यक्रम में भारत तथा पूरे विश्व के अग्रणी विचारक, उद्योग जगत के अग्रिम पंक्ति के नायक, तकनीकी विशेषज्ञ, अनुसंधानकर्ता, नवोन्मेषक, निवेशक, नीति निर्माता तथा शिक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण हस्तियां भी शामिल होंगी।

7. 19 नवम्बर को मनाया गया विश्व शौचालय दिवस

  • पेयजल और स्वच्छता विभाग (Department of Drinking Water and Sanitation), जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन – ग्रामीण (एसबीएमजी)’ के तहत 19 नवंबर, 2020 को सुरक्षित स्वच्छता के लिये जागरूकता को बढ़ावा देने के लिये ‘विश्व शौचालय दिवस’ मनाया गया।
  • वर्ष 2020 के लिए इस दिवस की थीम ‘सतत स्वच्छता और जलवायु परिवर्तन’ (Sustainable sanitation and climate change) है। 2019 में इस दिवस की थीम लीविंग नो वन बिहाइंड (Leaving No One Behind) थी।
  • यह दिवस शौचालय और स्वच्छता के बिना बिना जीवन बिताने वाले 4.2 बिलियन लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। यह वैश्विक स्वच्छता संकट से निपटने और सतत विकास लक्ष्य 6 को पूर्ण करने में सहायक है जो 2030 तक सभी के लिए पानी और स्वच्छता को मुहैया कराने की कार्रवाई करने के बारे में है।

पृष्ठभूमि

  • ‘विश्व शौचालय दिवस’ को मनाने की शुरुआत विश्व शौचालय संगठन द्वारा साल 2001 में की गई थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा साल 2013 में इसे अधिकारिक तौर पर विश्व शौचालय दिवस घोषित किया गया था।

8. मूडीज ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए बढ़ाया भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान

  • रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत की जीडीपी ग्रोथ के लिए अपने अनुमान को बढ़ा दिया है। रेटिंग एजेंसी ने मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर -10.6 फीसदी कर दिया है। इससे पहले एजेंसी ने -11.5 फीसद का अनुमान जताया था।
  • हालिया प्रोत्साहन पैकेज में मैन्यूफैक्चरिंग और  रोजगार निर्माण को प्राथमिकता देने और दीर्घकालिक वृद्धि पर फोकस रहने के चलते यह अनुमान बढ़ाया गया है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सरकार ने 2.7 लाख करोड़ रुपये के नए वित्तीय पैकेज की घोषणा की थी।
  • मूडीज ने कहा कि ताजा उपाय मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और रोजगार निर्माण को ध्यान में रखते हुए किये गए हैं। साथ ही यह पैकेज इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, नकदी की उपलब्धता और तनाव वाले सेक्टर्स को सपोर्ट करने के लिए हैं।
  • मूडीज ने आगे कहा कि वित्तीय पैकेज में किये गए उपायों का जीडीपी ग्रोथ पूर्वानुमानों पर सकारात्मक असर पड़ा है। मूडीज ने कहा, ‘हमने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अपने वास्तविक, मुद्रास्फीति समायोजित जीडीपी पूर्वानुमान को संशोधित कर -11.5 फीसद से बढ़ाकर -10.6 फीसद कर दिया है।’
  • साथ ही रेटिंग एजेंसी ने अगले वित्त वर्ष के लिए भी भारत की जीडीपी ग्रोथ के अपने अनुमान को बढ़ा दिया है।रेटिंग एजेंसी के अनुसार, अगले वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 10.8 फीसद है, जबकि पहले इसके 10.6 फीसद रहने का अनुमान जताया गया था।

मूडीज के बारे में

  • मूडीज अमेरिका की एक कंपनी है, जो बिजनेस और आर्थिक मामलों से जुड़ी हुई है इसकी स्थापना 1909 में की गई थी, इस कंपनी को बनाने के पीछे मकसद था स्टॉक मार्केट और बॉन्ड की रेटिंग बताना कि कौन सा स्टॉक एक्सचेंज कैसा परफॉर्म कर रहा है और कौन सा बॉन्ड खरीदने पर ज्यादा मुनाफा हो सकता है।
  • साल 1962 में अमेरिका की ही एक और कंपनी डॉन एंड ब्रॉडस्ट्रीट ने इसे खरीद लिया और इसका विलय कर लिया साल 2000 में डॉन एंड ब्रॉडस्ट्रीट ने मूडीज को अलग से एक कंपनी के तौर पर स्थापित कर दिया और इसे न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सजेंच में लिस्ट करवा दिया।
  • 2007 में मूडीज़ के क्रियाकलापों को दो हिस्सों में बाँट दिय गया जिसमे एक हिस्सा मूडीज इन्वेस्टर सर्विस बना जिसका काम रेटिंग देना है वहीँ दूसरा हिस्सा मूडीज़ एनालिटिक्स है जिसके हिस्से में कम्पनी के अन्य काम आ गए हैं।
  • मूडीज इन्वेस्टर सर्विस बॉन्ड मार्केट में लगे सरकार के पैसे और कारोबारियों के पैसे के आधार पर किसी देश के कर्ज लेने की क्षमता और उसे चुकाने की क्षमता की रेटिंग जारी करता है अगर रेटिंग अच्छी आती है तो दुनिया भर के निवेशक उस देश में इन्वेस्ट करते हैं और अगर रेटिंग खराब आती है तो निवेशक उसे देश में निवेश करने से कतराते हैं।

9. देश के विभिन्न भागों में मनाया जा रहा है चार दिवसीय छठ पूजा समारोह

  • देश के विभिन्न भागों में चार दिन का छठ पर्व 18 नवम्बर से परंपरागत नहाए-खाये अनुष्ठान के साथ शुरू हो गया है। यह पर्व शनिवार/21 नवम्बर सवेरे उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न होगा। छठ पर्व सूर्य की उपासना का त्योहार है।
  • स्नान करने के बाद श्रद्धालु नहाय-खाए की रस्म के तहत अरवा चावल, चना दाल और लौकी जैसे पके हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। दुसरे दिन खरना मनाया गया। उसके बाद 72 घंटे का निर्जल  उपवास शुरू हो गया है जो शनिवार/21 नवम्बर की सुबह समाप्त होगा। 
  • दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के कारण 20 नवम्बर को अवकाश घोषित किया है। वहीँ दिल्ली आपदा प्रबंधन समिति ने आदेश दिया है कि कोरोना के प्रकोप के कारण किसी भी सार्वजनिक स्थान पर इस बार छठ पूजा आयोजित नहीं की जाएगी।

क्या है छठ पूजा?

  • छठ पर्व, छठ या षष्ठी पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है। सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है।
  • यह पर्व मुख्यतः बिहार के वासियों का सबसे बड़ा पर्व है ये उनकी संस्कृति है। छठ पर्व बिहार मे बड़े धुम धाम से मनाया जाता है। ये एक मात्र ही बिहार या पूरे भारत का ऐसा पर्व है जो वैदिक काल से चला आ रहा है और ये बिहार कि संस्कृति बन चुका है।
  • बिहार मे हिन्दुओं द्वारा मनाये जाने वाले इस पर्व को इस्लाम सहित अन्य धर्मावलम्बी भी मनाते देखे गये हैं। धीरे-धीरे यह त्योहार प्रवासी भारतीयों के साथ-साथ विश्वभर में प्रचलित हो गया है।
  • छठ पूजा सूर्य, उषा, प्रकृति,जल, वायु और उनकी बहन छठी मइया को समर्पित है ताकि उन्हें पृथ्वी पर जीवन प्रदान करने के लिए धन्यवाद और कुछ शुभकामनाएं देने का अनुरोध किया जाए। छठ में कोई मूर्तिपूजा शामिल नहीं है।
  • त्यौहार के अनुष्ठान कठोर हैं और चार दिनों की अवधि में मनाए जाते हैं। इनमें पवित्र स्नान, उपवास और पीने के पानी (वृत्ता) से दूर रहना, लंबे समय तक पानी में खड़ा होना, और प्रसाद (प्रार्थना प्रसाद) और अर्घ्य देना शामिल है। परवातिन नामक मुख्य उपासक (संस्कृत पार्व से, जिसका मतलब ‘अवसर’ या ‘त्यौहार’) आमतौर पर महिलाएं होती हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में पुरुष इस उत्सव का भी पालन करते हैं क्योंकि छठ लिंग-विशिष्ट त्यौहार नहीं है। छठ महापर्व के व्रत को स्त्री – पुरुष – बुढ़े – जवान सभी लोग करते हैं। पर्यावरणविदों का दावा है कि छठ सबसे पर्यावरण-अनुकूल हिंदू त्यौहार है।
  • यह पर्व चार दिनों का है। भैयादूज के तीसरे दिन से यह आरम्भ होता है। पहले दिन सेन्धा नमक, घी से बना हुआ अरवा चावल और कद्दू की सब्जी प्रसाद के रूप में ली जाती है। अगले दिन से उपवास आरम्भ होता है। व्रति दिनभर अन्न-जल त्याग कर शाम करीब 7:00 बजे से खीर बनाकर, पूजा करने के उपरान्त प्रसाद ग्रहण करते हैं, जिसे खरना कहते हैं। तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य यानी दूध अर्पण करते हैं। अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य चढ़ाते हैं। पूजा में पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है; लहसून, प्याज वर्जित होता है। जिन घरों में यह पूजा होती है, वहाँ भक्तिगीत गाये जाते हैं। अंत में लोगो को पूजा का प्रसाद दिया जाता हैं।

10. 12वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन संपन्न

  • 12वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कोरोना वायरस के प्रभाव के फलस्वरूप आभासी रूप से 17 नवंबर, 2020 को रूस की मेज़बानी में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री ने भी भागीदारी की।
  • इस वर्ष ब्रिक्स सम्मेलन की थीम “वैश्विक स्थिरता, साझा सुरक्षा और नवाचारी वृद्धि” (Global Stability, Shared Security and Innovative Growth) थी।
  • पीएम ने इस दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सुधार की पुरजोर मांग दोहराई। इसके अलावा उन्होंने आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों को दंडित किए जाने की जरूरत पर जोर दिया।
  • संयुक्त राष्ट्र खासकर यूएनएससी में मौजूदा समय के हिसाब से बदलाव का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज मल्टिलेटरल सिस्टम एक संकट के दौर से गुजर रहा है। ग्लोबल गवर्नेंस के संस्थानों की क्रेडिबिलिटी और इफेक्टिवनेस दोनों पर ही सवाल उठ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इनमें समय के साथ उचित बदलाव नहीं आया है। ये अभी भी 75 साल पुराने के विश्व की मानसिकता और वास्तविकता पर आधारित हैं। भारत का मानना है कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में रिफॉर्म्स बहुत ही अनिवार्य है। इस विषय पर हमें अपने ब्रिक्स पार्टनर्स के समर्थन की अपेक्षा है।’
  • प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के अलावा दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, ‘यूएन के अतिरिकत कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन भी वर्तमान वास्तविकताओं के हिसाब से काम नहीं कर रहे हैं। WTO, IMF, WHO जैसे संस्थानों में भी सुधार होना चाहिए।’
  • प्रधानमंत्री द्वारा COVID-19 के लिये वैक्सीन के उत्पादन में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।  भारत स्पुतनिक V वैक्सीन के परीक्षण के लिये रूस के साथ बातचीत कर रहा है और इसके जल्द ही उत्तर प्रदेश में शुरू होने की उम्मीद है। भारत ने दक्षिण एशियाई देशों में टीके की पहुँच सुनिश्चित करने हेतु  नेतृत्त्व करने का आश्वासन दिया गया।

ब्रिक्स (BRICS)

  • ब्रिक्स (BRICS) उभरती राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं के एक संघ का शीर्षक है इसके घटक राष्ट्र ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं। इन्ही देशों के अंग्रेज़ी में नाम के प्रथमाक्षरों B, R, I, C व S से मिलकर इस समूह का यह नामकरण हुआ है। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल किए जाने से पहले इसे “ब्रिक” के नाम से जाना जाता था।
  • ब्रिक की संकल्पना गोल्डमन साक्स (Goldman Sachs) के जिम ओ नील ने 2001 में दी थी। प्रारंभिक चार ब्रिक राष्ट्रॊ (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) के विदेश मंत्री सितंबर 2006 में संयुक्त राष्ट्र की बैठक के इतर न्यूयॉर्क शहर में मिले और उच्च स्तरीय बैठकों की एक श्रृंखला की शुरुआत की थी।
  • ब्रिक्स पांच बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ता है, जो विश्व की आबादी का 42 प्रतिशत है, जहां वैश्विक जीडीपी का 23 प्रतिशत हिस्सा है और वैश्विक व्यापार का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा है।
  • 2009 को एक पूर्ण पैमाने की राजनयिक बैठक को येकतेरिनबर्ग, रूस में आयोजित किया गया था यह ब्रिक्स का पहला सम्मलेन था।

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